बिहार में मशरूम की खेती: नीतीश सरकार का बड़ा कदम

जानें कैसे बिहार सरकार मशरूम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की मदद कर रही है।

  • 8 लाख मशरूम किट का वितरण
  • प्रत्येक किट की लागत: 55 रुपये
  • फूल उत्पादन के लिए परिभ्रमण और प्रशिक्षण
  • मशरूम किट पर 90% अनुदान

परिचय

मशरूम की खेती एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही तकनीक और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार इसके लिए कई योजनाएं लेकर आई है, जिससे किसानों को फायदा हो सके।

मुख्य विवरण

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई लाभकारी योजनाओं की घोषणा की है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 8 लाख मशरूम किट का वितरण किया जाएगा, जिसका कुल वित्तीय लक्ष्य 440 लाख रुपये है।

मशरूम की खेती के लिए सहायता

मंगल पांडेय ने बताया कि झोपड़ी में मशरूम की खेती के लिए 38 जिलों में 800 झोपड़ी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं वातानुकूलित मशरूम उत्पादन इकाई के लिए 20 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार मशरूम किट पर 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है, जबकि झोपड़ी में मशरूम और वातानुकूलित मशरूम उत्पादन इकाई के लिए 50 प्रतिशत तक की सहायता अनुदान दी जा रही है।

फूल उत्पादन में बड़ी पहल

बिहार में मशरूम के बाद फूल उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी पहल की गई है। कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने 26 नवंबर को फूल उत्पादक कृषकों को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए रवाना किया। इस बस में 15 जिलों के 40 फूल उत्पादक कृषक शामिल थे।

प्रशिक्षण और लाभ

मंगल पांडेय ने बताया कि राज्य के फूल उत्पादक किसानों को फूलों की खेती की नई विधाएं सिखाने के लिए मेदिनीपुर का परिभ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दो दिवसीय कार्यशाला में राज्य के 15 जिलों के कृषक शामिल होंगे। किसानों को फूलों की आधुनिक खेती के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त होगी और इससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

निष्कर्ष

बिहार में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *